वर्ल्ड फ्लू की दस्तक के बाद मछलियों का मरने का सिलसिला शुरू।

  चंदेरी-  बर्ड फ्लू के बाद अब मछलियों के मरने का सिलसिला भी शुरू हो गया है नगर मैं स्थित तहसील के समीप नाग बावड़ी में सैकड़ों मछलियों के मरने से आसपास के निवासी गण अचंभित हैं आए  दिन  पक्षियों  के मरने का सिलसिला अभी थमा नहीं है आज तहसील प्रांगण में पीपल के पेड़ के ऊपर देखते ही देखते कौवा मर गया जिसको निकालने की मशक्कत नगरपालिका के कर्मचारियों ने की लेकिन पेड़ की डालियों में फंसे मृत कौवे को नहीं निकाल सके इसी बीच शीशुपाल अहिरवार ने अपनी काबिलियत का परिचय देते हुए पीपल के पेड़ की डाली से मृत कौवे को निकाला इस साहसी कार्य को देखकर एडवोकेट इदरीश खान पठान के द्वारा नगद राशि से पुरस्कृत किया गया लगातार आए दिन पक्षियों के मरने से नगर में दहशत का माहौल बना हुआ है एहतियातन चिकन ,अंडा  मीट ,मछली, माँस खाने से लोगों को  परहेज करना चाहिए यदि इन चीजों को खाने की आवश्यकता पड़ती  है तो अधिक बॉयल कर इनका इस्तेमाल करना चाहिए जिससे बीमारियों से बचा जा सके । नगर की पुरातत्व  बावडियों की साफ-सफाई नियमित रूप से ना किए जाने के कारण गंदगी का अंबार लगा हुआ है जिस कारण गंदगी और कोहरे की वजह से मेथेन गैस के कारण मछलियों की मरने की संभावना व्यक्त की गई है यदि नगरीय निकाय नियमित रूप से बावरियों की देखरेख और उनकी साफ सफाई की व्यवस्था करता रहे तो कुछ हद तक मछलियों के मरने से रोका जा सकता है इस ऐतिहासिक और पुरातत्व नगरी में आदिकाल से हजारों बावरियों का समावेश है लेकिन इनका सही रखरखाव और देखभाल ना होने के कारण इनका अस्तित्व भी अब खतरे में आ गया है संबंधित विभागों की अनदेखी और कार्य की उदासीनता इसका परिचायक है कि वर्षों तक इनकी साफ-सफाई ना करना इनकी कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह अंकित करता है। इनका कहना है:- क्षेत्र में अब तक करीब 6 कवौ के मरने की जानकारी प्राप्त हुई है एहतियातन पशु चिकित्सा विभाग और नगरीय निकाय ने संयुक्त रुप से वर्ल्ड ब्लू से निपटने की लिए कारगर कदम उठाए हैं जिला प्रशासन के दिशा निर्देशों के अनुसार हम कार्य कर रहे हैं नाग बावड़ी में मछलियों के मरने की संभावना गंदगी एवं मेथेन गैस हो सकती है