उज्जैन-फतेहाबाद लाइन का सीआरएस इंस्पेक्शन, दिसंबर के बजाय अब जनवरी में होगा
 भविष्य में काशी महाकाल एक्सप्रेस और महू-प्रयागराज ट्रेन फतेहाबाद-उज्जैन होकर ही चलाई जाना हैं।
इंदौर- सूत्रों ने बताया कि फिलहाल उज्जैन-फतेहाबाद के बीच करीब 23 किलोमीटर लंबे सेक्शन में पुरानी रेल पटरियां बिछाई गई हैं। सीआरएस निरीक्षण के पहले उनकी जगह नई पटरियां बिछाने का काम होना है। फिलहाल रेलवे निर्माण विभाग के पास पटरियां बिछाने की मशीन उपलब्ध नहीं हैं। उसका उपयोग गुजरात के किसी प्रोजेक्ट में हो रहा है। यह मशीन जनवरी में आएगी और उसके बाद उज्जैन-फतेहाबाद के बीच नई पटरियां बिछाने में लगभग 15 दिन का समय लगेगा। उसके बाद ही सीआरएस निरीक्षण हो सकेगा। सीआरएस ही रेलवे ट्रैक की गति क्षमता तय कर उस पर यात्री ट्रेनों के संचालन की अनुमति देते हैं। पश्चिम रेलवे द्वारा उज्जैन-फतेहाबाद के बीच बिछाई गई बड़ी लाइन का सीआरएस (कमिश्नर रेलवे सेफ्टी) इंस्पेक्शन अब दिसंबर के बजाय जनवरी में होगा। पहले दिसंबर के आखिरी हफ्ते में सीआरएस आने वाले थे, लेकिन प्रोजेक्ट के कुछ तकनीकी काम पूरे नहीं होने से निरीक्षण टल गया है। इंदौर के लिए यह प्रोजेक्ट इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उज्जैन आने-जाने वालों को यह वैकल्पिक छोटा रास्ता उपलब्ध कराएगा। भविष्य में काशी महाकाल एक्सप्रेस और महू-प्रयागराज ट्रेन फतेहाबाद-उज्जैन होकर ही चलाई जाना हैं। इस रूट से उज्जैन में ट्रेन के इंजन की दिशा बदलने की झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। करीब दो साल से उज्जैन-फतेहाबाद के बीच बड़ी लाइन बिछाने का काम हो रहा है। इसके निर्माण पर रेलवे ने करीब 250 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। ट्रैक को विद्युतीकृत बनाया गया है। पहले इस हिस्से में छोटी लाइन थी, जिसे रेलवे ने बंद कर दिया था।