देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। इसका इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना मरीजों की संख्या 1.40 लाख को पार कर चुकी है। अब तक 4 हजार से ज्यादा लोगों की इस खतरनाक वायरस ने जान ले ली है। सरकार द्वारा लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की लगातार अपील भी की जा रही है। केरल में एक आरोपी की वजह से मजिस्ट्रेट, पुलिसकर्मियों सहित 100 लोगों को क्वारंटाइन में जाने के लिए कहा गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नेदुमांगड कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। आरोपी की बाद में वह जांच में पॉजिटिव पाया गया। गैरकानूनी शराब ले जाने के आरोप में दो दिन पहले दो अन्य के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद उसे पूजापुरा सेंट्रल जेल भेज दिया गया। रविवार को सैंपल पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसे कोविड-19 अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, नेदुमांगड कोर्ट के मजिस्ट्रेट, वेंजारामूदु थाने के इंस्पेक्टर समेत 34 पुलिसकर्मी, जहां उसका सैंपल लिया गया था उस सरकारी अस्पताल के कुछ कर्मचारी और सेंट्रल जेल के 12 कर्मचारियों को क्वारंटाइन में भेज दिया गया है। कोरोना संक्रमण अपने पैर जेलों में भी पसार चुका है। विभिन्न राज्यों की जेलों में कैदी सहित वहां तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के कोरोना की चपेट में आने का सिलसिला जारी है। हाल ही में दिल्ली की तिहाड़ जेल में भी एक सहायक अधीक्षक के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। वहीं सूबे की दो अन्य जेलों में भी अधिकारी और कैदी संक्रमित मिल चुके हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट भी कैदियों की कोरोना से सुरक्षा पर चिंता जता चुकी है, वहीं सभी राज्यों को निर्देशित किया गया था कि वे कैदियों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाएं।