बंगाल की खाड़ी में बने 2020 के पहले सुपर साइक्लोन एम्फन का असर मंगलवार की शाम से ओडिशा के तटीय जिलों के साथ-साथ भुवनेश्वर में दिखने लगा है। आसमान में बादल छा गए हैं। रिमझिम बारिश के बीच 45 से 55 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से हवा बहना शुरू हो गई है। समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लग गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के महानिदेशक डीजी मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक एम्फन समुद्र में कमजोर हो रहा है। इसके बाद यह एक्सट्रीम सीवियर साइक्लोनिक स्टर्म में बदल जाएगा और उत्तर ओडिशा की ओर बढ़ेगा। एम्फन वर्तमान में पारादीप से 350 किमी. और दीघा से 510 किमी. की दूरी पर 18 किमी की रफ्तार से गति कर रहा है।
खतरनाक रूप धारण कर चुका सुपर साइक्लोन एम्फन बुधवार को लैंडफाल करेगा। लैंडफाल के वक्त इसका प्रकोप फणि की तरह होगा। इसके लिए एनडीआरएफ पूरी तरह से तैयार रहने की सूचना मंगलवार को एनडीआरएफ के डीजी सत्यनारायण प्रधान ने दी है। उन्होंने कहा कि ओडिशा में एनडीआरएफ की 15 टीम और बंगाल में 19 टीम तैनात की गई है, जबकि सात टीमों को रिजर्व रखा गया है।
बुधवार को ही दोपहर से शाम के बीच यह बंगाल के दीघा-हातिया तट पर सुंदरवन के पास टकराएगा। उस समय हवा की गति 155 से 165 किमी. प्रति घंटा होगी। महापात्र ने बताया है कि एम्फन से ओडिशा में ज्यादा खतरा नहीं है। क्योंकि तूफान ओडिशा तट पर लैंडफाल नहीं करेगा, लेकिन ओडिशा तट से इसके गुजरने की वजह से जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालेश्वर जिले में एम्फन का प्रभाव दिखेगा। जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक एवं बालेश्वर जिले में भारी से भारी बारिश होने की संभावना है। भद्रक और बालेश्वर जिले में 110 से 120 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। यहां जब एम्फन टकराएगा तब हवा की गति 125 किमी. प्रति घंटा हो जाएगी।
इधर एहतियात के तौर पर राहत और बचाव के कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिए गए हैं। एनडीआरएफ, ओडीआरएफ, दमकल वाहिनी और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। भद्रक जिले के चांदबाली, धामरा, वासुदेवपुर बंदरगाह में तूफान को मद्देनजर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सुपर साइक्लोन एम्फन की आंख का व्यास 30 किलोमीटर है। इसके बाहरी हिस्से का काफी बहुत बड़ा है, जो कि ओडिशा में प्रवेश कर चुका है और भुवनेश्वर समेत पूरे राज्य में इसका असर देखा जा रहा है। आकाश बादलों से ढक चुका है। भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) के चक्रवात विभाग के मुख्य आरके जेनामणि ने इस बात की जानकारी दी है।
सुपर साइक्लोन एम्फन की आंख का व्यास 30 किलोमीटर है। इसके बाहरी हिस्से का काफी बहुत बड़ा है, जो कि ओडिशा में प्रवेश कर चुका है और भुवनेश्वर समेत पूरे राज्य में इसका असर देखा जा रहा है। आकाश बादलों से ढक चुका है। भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) के चक्रवात विभाग के मुख्य आरके जेनामणि ने इस बात की जानकारी दी है।
बंगाल में 3 लाख लोगों को इस वक्त सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि चक्रवाती तूफान एम्फन के खतरे को देखते हुए राज्य के तटीय क्षेत्रों से करीब तीन लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने सहित सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर बात हुई है। ममता ने बुधवार सुबह से गुरुवार सुबह तक प्रवासी मजदूरों को वापस बंगाल में लाने के लिए कोई भी स्पेशल ट्रेन नहीं चलाने का निवेदन किया है।
छत्तीसगढ़ में ओडिशा सीमा से सटे जिलों में एम्फन तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। महासमुंद, गरियाबंद, कोंडागांव, बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों में तेज आंधी और बारिश हो सकती है। सोमवार दोपहर महासमुंद और बालोद जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश तबाही लेकर आई थी। इससे कई गांवों में टिन की छतें उड़ गईं और सौ से अधिक पेड़ धाराशायी हो गए थे। बिजली के पोल गिरने से 50 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।