चीन के बाद अमेरिका को मिल गया कोरोना वायरस का तोड़, इस खुराक से हो रहा फायदा






 















 














कोरोना वायरस के खिलाफ दुनियाभर में जंग जारी है। इस बीच, अमेरिका से अच्छी खबर है। यहां न्यूयार्क के अस्पतालों में भर्ती कोरोनावायरस  मरीजों को डॉक्टर विटामिन सी (विटामिन सी) की तगड़ी डोज दे रहे हैं। शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत करने वाले विटामिन सी का चीन के डॉक्टरों ने भी कोरोनावायरस का इलाज करने में खासा इस्तेमाल किया था। इसके परिणाम भी अच्छे आए थे। न्यूयार्क के नार्थवेल हेल्थ अस्पताल के डॉ. एंड्रयू वेबर ने बताया कि वे कोरोनावायरस के गंभीर मरीजों का इलाज शुरू होते ही 1500 MG विटामिन सी की डोज शिराओं के जरिये देते हैं। इसके बाद दिन में 3 से 4 बार और विटामिन सी की खुराक शरीर में पहुंचाई जाती है।

विटामिन सी की अतिरिक्त खुराक देने का काम वुहान के झोंगनन अस्पताल के डॉक्टरों ने शुरू किया था। डाक्टरों ने पाया कि जिन मरीजों को अन्य दवाओं के साथ विटामिन सी की मात्रा दी गई उनकी रिकवरी विटामिन सी न लेने वालों से बेहतर रही।


ऑरेंज जूस के भाव आसमान पर


बसे डाक्टरों ने कोरोनावायरस के मरीजों के इलाज में विटामिन सी को कारगर पाया है तबसे दुनिया भर में आरेंज जूस की मांग बढ़ गई है। मांग बढ़ने से जूस के दाम भी बढ़ गए हैं। डाक्टरों का मानना है कि आरेंज जूस में मौजूद विटामिन सी की भारी मात्रा न केवल मरीजों के लिए हितकर बल्कि इसके लगातार सेवन से बीमारी की चपेट में आने से बचा जा सकता है। इसी के चलते लोग डिब्बाबंद जूस के पीछे भाग रहे हैं। इधर कई जगह लाकडाउन ने भी कीमतों पर असर डाला है। बहरहाल इस मांग से आरेंज जूस के भाव बीस फीसद तक बढ़ गये हैं।


एक बार में 16 गुना खुराक

चीनी डॉक्टरों के इस अनुभव पर अमेरिकी डॉक्टर भी अमल कर रहे हैं। डॉक्टर वेबर ने अपने अनुभव बताया कि अमेरिका में एक वयस्क पुरुष को 90 और महिला को 75 मिलीग्राम रोजाना विटामिन सी की जरूरत होती है, लेकिन एक कोरोनावायरस मरीज को इस मात्रा की सोलह गुना खुराक एक बार में दी जा रही है।

डॉ. वेबर के मुताबिक, कोरोनावायरस मरीजों को विटामिन सी के साथ मलेरिया की दवा हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन और एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसीन दी जा रही है। इसके अलावा खून को पतला करने की भी दवाएं दी जा रही हैं।


डॉ. वेबर के अनुसार कोरोना संक्रमण का जब ज्यादा प्रकोप होता है तो शरीर में सेप्सिस बन जाता है। यह शरीर में विटामिन सी की एकदम से कमी कर देता है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बहुत क्षीण हो जाती है। इसे दुरुस्त करने के लिए विटामिन सी की भरपूर मात्रा मरीज को दी जाती है।