चंदेरी- ऐतिहासिक नगरी चंदेरी का नाम देश-विदेशों में सिर्फ हाथों से बनाई गई साड़ियों के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है बल्कि यहां की प्राचीन इमारतों की सुंदरता को लेकर भी प्रसिद्ध है जिसे देखने के लिए दूरदराज से यानी कि देश-विदेश से पर्यटक भी यहां आए-दिन घूमने के लिए आया करते हैं लेकिन यहां का भाग्य कहें या दुर्भाग्य कि यहां के वरिष्ठ अधिकारी, नगर पालिका कर्मचारी और यहां के नेताओं का ध्यान चंदेरी को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने की और दिखाई नहीं देता| नगर वासियों की माने तो चंदेरी में वर्तमान में हर विभाग में पदस्थ अधिकारी बहुत ही अच्छी छवि और सोच यानी की अच्छी विचारधारा के हैं चाहे थाना प्रभारी हो या फिर नगर पालिका अधिकारी, एसडीएम हो या तहसीलदार सभी अधिकारियों की सराहना यहां की जनता में देखने को मिलती है|
लेकिन किन कारणों से यह अधिकारी चंदेरी को स्वच्छ व् सुंदर बनाने में अपना योगदान प्रदान, करते हुए नजर नहीं आ रहे, जहां देखो वहां कचरे का ढेर है गली मोहल्लों में नाले - नालियां में कचरा भरा रहता है हर वह सुंदर प्राचीन गेट,प्राचीन इमारत चाहे ढोलिया गेट हो या दिल्ली दरवाजा,सदर बाजार वहां अतिक्रमणकारियो के द्वारा प्राचीन इमारतों को नकाब डालकर ढका जा रहा है| लाखों रुपए खर्च कर नगर पालिका द्वारा शहर में लगाए गए फुवारे उनका भी सही इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है उन फुवारो की लाइट बंद है तो कहीं उन में गंदा पानी भरा रहता है बादल महल की बात करें तो वहां भी लाखों रुपए खर्चकर गेट के बाहर खम्भों पर फेंसी लेम्प लगाए गए थे जो हमेशा बंद रहते हैं|
दुःख तो जब होता हैं जब कोई पत्रकार या समाजसेवी चंदेरी को स्वच्छ व् सुन्दर बनाए रखने पर,कोई आर्टिकल लिखकर अधिकारियों को पेश करता है तब भी इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जाता ! क्या यह हमारे सिस्टम की कमी नहीं है कोई भी कार्य हो, बिना सिस्टम के नहीं चलता, अगर वरिष्ठ अधिकारी सही सिस्टम और ईमानदारी से काम करें तो इतिहासिक नगरी चंदेरी को सुंदर ही नहीं वल्कि अति सुंदर बनाया जा सकता है |
जिसको लेकर सभी जवाबदार अधिकारियो को अपने सिस्टम के अनुसार काम करने की आवश्यकता है| नगरपालिका अधिकारी को स्वच्छता की और ध्यान देने की आवश्यकता है एसडीएम महोदय को चंदेरी में हो रहे अतिक्रमण पर ध्यान देने की आवश्यकता है ,चाहे ढोलिया गेट हो चाहे दिल्ली दरवाजा,बस स्टैंड हो या फिर सदर बाजार सभी जगह से अतिक्रमण हटवाना चाहिए, पुरात्तव विभाग को अपनी इमारतों के आगे सुंदर फैंसी लाइट लगवाने की व्यवस्था का इंतजाम करना चाहिए, चाहे कटी घाटी हो या फिर बादल महल,दिल्ली दरवाजा,ढोलिया गेट आदि स्थानों पर, स्वास्थ्य अधिकारी को शव वाहन की व्यवस्था अपने अस्पताल में करवानी चाहिए जिससे कि दूरदराज से आने वाले मरीजों को सुविधा प्रदान की जा सके, पुलिस विभाग को हर चौक-चोराहो पर अपने सैनिक तैनात करना चाहिए|
तब जाकर ही चंदेरी को सुंदर ही नहीं, बल्कि अति सुंदर बनाया जा सकता है |