शराब पीने वालों के शरीर से अल्कोहल का मिलना आम बात है लेकिन उसका क्या जिसने कभी शराब पी ही ना हो। ऐसा ही हुआ एक महिला के साथ जिसके लीवर का डॉक्टर्स ने यह कहते हुए ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया कि उसके यूरिन टेस्ट में अल्कोहल की मात्रा मिली है। हालांकि, जब महिला ने दावा किया कि उसने अपनी जिंदगी में कभी शराब नहीं पी तो डॉक्टरों ने मामले की जांच की और जो खुलासा हुआ वो दुनिया में अपनी तरह का पहला मामला बन गया। दरअसल, इस महिला के शरीर में यूरिन की बजाय अल्कोहल बन रहा था।
स्टडी के अनुसार, एक 60 साल की महिला को अपने लीवर की सर्जरी करवानी थी लेकिन उसे अस्पताल वाले बार-बार इनकार कर देते। इसका कारण था उसके यूरिन के टेस्ट में अल्कोहल का पाया जाना। इससे डॉक्टर्स को लगता था कि महिला शराब पीती है। महिला को असल में सिरोसीस था और डायबटीज भी।
महिला के बारे में यह बात Annals of Internal Medicine में छपी है जिसमें दावा किया गया है कि महिला का ब्लैडर यूरिन की बजाय अल्कोहल बना रहा था। डॉक्टर्स खुद यह सब जानकर हैरान हैं। उन्होंने इसे ऑटो ब्रीवरी सिंड्रोम नाम दिया है।
पिछले साल इस महिला का मामला एक पेथोलॉजिस्ट और UPMC क्लिनिकल टॉक्सीकोलॉजी लैब के डायरेक्टर केनिची तमामा के पास पहुंचा। उन्होंने जब दावों के आधार पर जांच की तो पाया कि महिला में अजबी सा सिंड्रोम है। इस सिंड्रोम की वजह से महिला का शरीर ही अल्कोहल बना रहा था जो उसके यूरिन के माध्यम से निकल रहा था। यह खुलासा तब हुआ जब तमामा ने पाया कि महिला के ब्लड टेस्ट में अल्कोहल नहीं था लेकिन यूरिन में था।
यह तब साफ हुआ जब तमामा ने महिला के यूरिन को अलग-अलग तापमान पर रखा और 98.7 डिग्री पर यह पूरी तरह से एल्कोहल में बदल गया। महिला के शरीर में जो यीस्ट मिला था वो था Candida glabrata जो आमतौर पर लोगों के शरीर में होता है। महिला के शरीर में एल्कोहल बनने की खबर चर्चा में है वहीं इसे लेकर तरह-तरह की बहस भी होने लगी है।